अंग्रेजी मीडियम एक हिंदी भाषा की फिल्म है, जो होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित है और मैडॉक फिल्म्स प्रोडक्शन के तहत निर्मित है। यह फिल्म २०१७ मे रिलीज हुई फिल्म हिंदी मिडीयम का सिक्वल है | इरफान खान, ने इस फिल्म पर मुख्य भूमिका निभाई है | यह फिल्म इरफान खान की अंतिम फिल्म थी जो १३ मार्च २०२० को यानी उनके उनके दुख:द निधन (29 अप्रैल 2020) से ठीक पहले रिलीज की गई थी फिल्म को 13 मार्च 2020 को भारतीय सिनेमाघरों में आ चुकी थी। फिल्म रिलीज होके हफ्ता भी नही हुआ था के कोरोनावायरस महामारी के कारण सिनेमाघरों को बंद करवा दिया गया जिस कारण फिल्म की आमदनी पर इसका बहुतही बुरा असर हुआ… इसकी पुन: रिलीज की योजना को भी महामारी के चलते रद्द कर दिया गया था|और फिल्म को महीने के अंदर डिजिटल प्लेटफॉर्म डिज्नी + हॉटस्टार पर लॉन्च किया गया।
अंग्रेजी मीडियम स्टोरी: चंपक बंसल (इरफ़ान) एक साधारण, छोटे शहर के व्यापारी हैं – घसिटाराम स्वीट चेन स्टोर के प्रोप्राइटर में से एक हैं – जो अपनी किशोरी बेटी, तारिका (राधिका मदान) के साथ एक आरामदायक जीवन जी रहे हैं। लेकिन, तारिका के बड़े लक्ष्य हैं – लंदन में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करना चाहती है | अपनी बेटी की महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए थोडे से संसाधनो के साथ, उसका पिता किस हद तक जा सकता है| यह कहानी उस महत्वाकांक्षी बेटी के महत्वाकांक्षी पिता की है, जो किसी भी किमत पर उसकी बेटी तारिका अपनी विदेशी आकांक्षाओं को कैसे पूरा करेगी? यह सुनिश्चित करने मे लगा है|
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कलाकार
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चंपक बंसल
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इरफान खान |
| नैना कोहली |
करीना कपूर खान
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| गोपी बंसल |
दीपक डोबरियाल
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| तारिका बंसल |
राधिका मदान
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| सम्पदा कोहली |
डिंपल कपाड़िया
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| बालाशंकर त्रिपाठी / बबलू |
रणवीर शौरी
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| टोनी |
पंकज त्रिपाठी
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| गज्जू |
कीकू शारदा
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| भेलुराम बंसल |
मनु ऋषि
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| जज चड्डा |
ज़ाकिर हुसैन
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| प्रिंसिपल चड्डा |
मेघना मलिक
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| राशी बंसल |
पूर्वी जैन
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| अद्वैत | |
| सलाहकार |
तिलोत्तमा शोम
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| लग्नेश |
विपुल टैंक
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| अनमोल |
अंकित बिष्ट
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| विशेष उपस्थिती |
अनुष्का शर्मा
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| विशेष उपस्थिती |
कैटरीना कैफ
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| विशेष उपस्थिती |
आलिया भट्ट
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| विशेष उपस्थिती |
जान्हवी कपूर
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| विशेष उपस्थिती |
अनन्या पांडे
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| विशेष उपस्थिती |
कृति सेनन
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| विशेष उपस्थिती |
कियारा आडवाणी
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अंग्रेज़ी मीडियम रिव्यू: उदयपुर (राजस्थान) में जन्मे और पले-बढ़े, चंपक की दुनिया उनके घसिटाराम भाई, गोपी (दीपक डोबरियाल) के साथ अपने दैनिक मनमुटाव के इर्द-गिर्द घूमती है, और अपनी एकलौती बेटी तारिका की देखभाल करने मे कटती है, तारिका जो हाई स्कूल और ग्रेजुएट करने के लिए तैयार है, और शैक्षणिक यात्रा के लिए भी। तारिका अपने पिता के विपरीत है, अपने सपनों को उस स्थान तक सीमित नहीं रखना चाहती जहां वह बड़ी हुई है; इसके बजाय, वह यह जानना चाहती है कि उसकी छोटी सी दुनिया के बाहर और क्या क्या है। आगे क्या होगा, इस बात से अनजान चंपक अपनी बेटी की सपनो, इच्छाओ समर्थन करता है, और उसकी ज़रूरतों का ध्यान रखता है, लेकिन जब बात उसके सपनो की भारी किमत चुकाने की आती है तब चीजें नियंत्रण से बाहर होने लगती हैं। एक समर्पित पिता, चंपक अपनी बेटी को विदेश में पढ़ने के लिए भेजने के लिए जो कुछ भी करता है, उसे करने की कसम खाता है, और एक ऐसे रास्ते पर चलता है जो न केवल उसके ‘बिटीया’ के लिए अपने बिना शर्त प्यार को साबित करता है, बल्कि इसके अलावा उनके रिश्ते को फिर से परिभाषित करता है।
होमी अदजानिया की अंग्रेजी मीडियम ’विदेश में आगे की पढ़ाई करने के साथ युवा काल के जुनून की नब्ज को छूता है, और अपने प्रियजनों के लिए बडी से बडी बाधा को गले लगाने के लिए उनके परिवार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस फिल्म का प्राथमिक विषय इसी महत्वाकांक्षा के इर्द गिर्द घुमता है।
इरफान ने इलाज के दौरान इस फिल्म की शूटिंग की थी यह एक वास्तविक तथ्य है। लेकिन, इस फिल्म को देखने के दौरान, आप उस विचार को अनदेखा कर सकते हैं। पर्दे पर आप जो देख रहे हैं, वह अभिनेता का तत्व है – हर शरीर में। वह बस आपको अपने साथ ले जाता है … आप उसके साथ छटपटाते हैं, उसके साथ रोते हैं और हर बार जब वह एक बाधा पर काबू पाता है, तो आप उसके साथ खुशी मनाते हैं। इरफान ने चंपक में एक ऐसे जीवन में सांस ली, जिसे कोई और नहीं कर सकता। और उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले एक और बेहतरीन अभिनेता दीपक डोबरियाल हैं। इरफान के साथ उनका कमबैक इस बात का वसीयतनामा है कि वह दोनो भी मंझे हुए अभिनेता है| राधिका मदान, यह सौम्य विद्रोही और अक्सर चुलबुली किशोरी के रूप में, अपनी ओर दर्शको का ध्यान खींचती है, विशेष रूप से पिता के साथ उसके दृश्यों के भीतर जहां उसके और उसके पिता के बीच पिता पुत्री का एक सुंदर संबंध सामने आता हैं। उनकी केमिस्ट्री स्वाभाविक है, और उनके संबंधित पात्रों का चित्रण इतना वास्तविक दिखाई देता है कि उनकी दुविधा और अंदर के टकराव गूंजने लगते हैं। रणवीर शौरी, बालकृष्ण ‘बॉबी’ त्रिपाठी के रूप में, प्रतीत होता है जो कि फिल्म मे अपना एनआरआई होने का सपना असलीयत में जीते हुए नझर आते है, कहानी को अलग मोड से आगे ले जाने में बॉबी का किरदार ,महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रणवीर शौरी अपने किरदार के साथ पूर्ण न्याय करते दिखाई दे रहे है। कीकू शारदा, जोंकी दोनो भाइयों के बचपन के दोस्त है, वह फिल्म मे हंसी बिखेरते नझर आते है। फिल्म के दूसरे भाग में करीना कपूर खान आक्रमक महिला पुलिस अफसर नैना के रूप में अपने छोटे रोल को अच्छी तरह से निभाती नझर आ रही हैं | फिल्म मे उनकी माँ, मिसेज कोहली का किरदार डिम्पल कपाड़िया द्वारा किया गया है जो के काफी छोटा है |
फिल्म की कहानी के मद्देनाझर फिल्म मे इस्तेमाल कि गयी भाषा उसका लेहजा संतुलित है | एक छोटे से शहर की कहाणी को बडे ही सरल तरीके से पेश किया गया है, और दुसरी ओर इसके विपरीत लंदन की चकाचौंद विचारो कि भिन्नता को भी काफी हद तक बनाये रखने मे याह फिल्म कामयाब होते दिखाई देती है| फिल्म का पहला भाग दर्शको को अतिरिक्त आकर्षक करने मे कामयाब होता दिखाई देता हैं| दुसरे भाग में कही कही कहाणी का विवरण खीच गया है ऐसा दर्शको को लग सकता है| फिल्म की पकड़ कही कही कमझोर होती दिखाई देती है, परंतु फिल्म अपना मुक्ख्य विषय के संदर्भ मे अपनी भावना को कायम रखने मे सफल होती है| फिल्म मे कूच पल और दो किरदारो के बीच के संवाद आकर्षण का केंद्र बनते दिखाई दे रहे है| फिल्म के कुछ किरदार जैसे इरफान खान, दीपक डोबरियाल, रणवीर शौरी, अपनी छाप छोडने मे काफी हद तक कामयाब हुए है| इरफान जाते जाते भी अपने उमदा अभिनय से दर्शको को अपनी ओर आकर्षित करने से नही चुंके| आखिर मे फिल्म आपको एक भावनिक संदेश दे जाती है |
कूल मिलाकर ‘एंग्रेज़ी मीडियम’ एक बहुतही बढीया फिल्म है | आप इस फिल्म को इसकी कहानी और बेहतर स्टारकास्ट के लिए झरूर देखें |

